ब्रेकिंग न्यूज़: रांची में बड़ा हादसा, हाई मास्ट टावर गिरने से मां-बेटी की मौत, आक्रोशित लोगों ने किया प्रदर्शनरांची: झारखंड की राजधानी में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। नगड़ी थाना क्षेत्र में रांची-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-23) पर स्थित बेड़ो टोल प्लाजा के पास एक हाई मास्ट टावर अचानक एक चलती ऑटो पर गिर गया। इस हादसे में ऑटो में सवार मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, और गुस्साए ग्रामीणों ने टोल प्लाजा में तोड़फोड़ कर दी। आक्रोशित लोगों ने पांच घंटे से अधिक समय तक हाईवे को जाम रखा, जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान इटकी थाना क्षेत्र के कुल्ली गांव निवासी बांदी उरांईन (38 वर्ष) और उनकी बेटी दशमी उरांईन (22 वर्ष) के रूप में हुई है। यह घटना और भी दुखद इसलिए बन गई क्योंकि दशमी उरांईन की पांच साल की बेटी है, जो अब अनाथ हो गई है। दशमी के पति की मृत्यु पिछले साल हो चुकी थी, जिससे परिवार पहले ही आर्थिक संकट में था।

घायलों की सूची

दुर्घटना में घायल हुए पांच लोगों को रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनकी पहचान इस प्रकार है:

  • चेपा लकड़ा – कुल्ली, इटकी
  • भारती केरकेट्टा – पलमा
  • बसंती उरांईन – पलमा
  • मंगरा उरांव – जरिया गढ़
  • इन सभी घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, और डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब एक ऑटो बेड़ो से रांची की ओर जा रहा था। अचानक, टोल प्लाजा के पास लगे हाई मास्ट लाइट का खंभा भरभराकर गिर पड़ा और सीधे ऑटो पर जा गिरा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, और उसमें सवार लोग दब गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से ऑटो में फंसे लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

गुस्साए ग्रामीणों का हंगामा, टोल प्लाजा में तोड़फोड़

इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने टोल प्लाजा पर हमला कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की। गुस्साए लोगों ने टोल प्लाजा के कर्मचारियों को वहां से भगा दिया और घंटों तक सड़क को जाम रखा। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे को बंद कर दिया, जिससे रांची-गुमला मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

प्रशासन और नेताओं का हस्तक्षेप

इस घटना के बाद झारखंड सरकार के मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, कांग्रेस नेता बंधु तिर्की और कई जनप्रतिनिधि घटनास्थल पर पहुंचे। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने NHAI की प्रोजेक्ट डायरेक्टर एकता कुमारी को फोन पर कड़ी फटकार लगाई और नाराजगी जताई कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद वे 8 घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचीं। हालांकि, NHAI के कंसल्टिंग इंजीनियर कुमार सौरभ ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

सरकार और NHAI ने किया मुआवजे का ऐलान
मृतकों के परिवारों को सरकार की ओर से 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा, NHAI ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 15-15 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है।

लोगों की प्रशासन से मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा के पास स्थित दूसरा हाई मास्ट टावर भी जर्जर हालत में है और कभी भी गिर सकता है। उन्होंने पहले भी इस खतरे को लेकर अधिकारियों को चेतावनी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हादसे के बाद लोगों ने मांग की है कि जर्जर टावरों को तुरंत हटाया जाए और टोल प्लाजा की सुरक्षा की जांच की जाए।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, स्थिति हुई सामान्य

घटना के बाद नगड़ी और इटकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले। पुलिस प्रशासन ने गुस्साए लोगों को समझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शाम 7:30 बजे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की पहल के बाद लोगों ने सड़क से जाम हटाया, और यातायात बहाल हुआ।

सरकारी लापरवाही पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी एजेंसियों की लापरवाही को उजागर किया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर पहले ही हाई मास्ट टावर की जांच और मरम्मत करवाई गई होती, तो शायद यह हादसा नहीं होता। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

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