गाज़ा/वॉशिंगटन, 2 जुलाई 2025 — फिलिस्तीनी संगठन हमास ने बुधवार को संकेत दिए कि वह गाज़ा में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए युद्धविराम (Ceasefire) के पक्ष में है, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट किया कि कोई भी समझौता तब तक संभव नहीं जब तक कि गाज़ा में युद्ध का संपूर्ण अंत न हो।
हमास का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत एक अमेरिका समर्थित शांति प्रस्ताव के कुछ ही घंटों बाद सामने आया है। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को एक “ऐतिहासिक अवसर” करार देते हुए कहा था कि यदि हमास और इज़राइल दोनों सहमत होते हैं, तो यह सौदा मध्य-पूर्व में स्थायी शांति की ओर पहला ठोस कदम होगा।
हालांकि, हमास ने सीधे तौर पर इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। संगठन के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा,
“हम संघर्ष समाप्त करने को तैयार हैं, लेकिन हमारा रुख पहले जैसा ही है – जब तक इज़राइल गाज़ा से पूरी तरह पीछे नहीं हटता और सैन्य कार्रवाई समाप्त नहीं होती, तब तक कोई भी सौदा अधूरा होगा।”
गौरतलब है कि गाज़ा में पिछले कई महीनों से भारी बमबारी और जमीनी संघर्ष जारी है। हाल ही में हुए एक इज़राइली हवाई हमले में दर्जनों नागरिकों की मौत हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और दबाव दोनों बढ़े हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देश इस संघर्ष को रोकने की दिशा में बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।
हमास के इस बयान को राजनयिक खेमों में सकारात्मक लेकिन सावधानीपूर्वक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि संगठन अभी भी युद्धविराम के लिए ठोस गारंटी और दीर्घकालिक समाधान चाहता है, जिसमें विशेष रूप से गाज़ा पर लगाए गए प्रतिबंधों का पूर्ण अंत और पुनर्निर्माण की अनुमति शामिल है।
इज़राइल की ओर से अब तक इस बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन वहां की सुरक्षा परिषद इस सप्ताह प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। इस बीच अमेरिका और मिस्र दोनों ही पक्षों के साथ बैकचैनल बातचीत में जुटे हुए हैं।
अगर यह वार्ता किसी समाधान तक पहुंचती है, तो यह मध्य-पूर्व में वर्षों से जारी हिंसा पर विराम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।