पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, जयपुर से कथित मास्टरमाइंड हिरासत में
नई दिल्ली:
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर सामने आए पेपर लीक विवाद ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। इस परीक्षा में देशभर के 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। एजेंसी ने कहा है कि पुनर्परीक्षा की नई तिथियां और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी बाद में आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी।
जांच एजेंसियों के अनुसार पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। राजस्थान, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में जांच तेज कर दी गई है। इस मामले में जयपुर से कथित “मास्टरमाइंड” मनीष यादव को हिरासत में लिया गया है, जिसके बाद जांच और गहरी हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक परीक्षा से पहले एक तथाकथित “गेस पेपर” बाजार में फैलाया गया था, जिसमें रसायन विज्ञान के लगभग 120 प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। वहीं जीव विज्ञान के कई प्रश्नों में भी समानता की बात सामने आई है। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि यह सामग्री परीक्षा से कई सप्ताह पहले राजस्थान के कोचिंग हब सीकर सहित कई स्थानों पर पहुंच चुकी थी।
बताया जा रहा है कि कुछ अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर कथित तौर पर प्रश्न उपलब्ध कराए गए। मामले के सामने आने के बाद राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कई स्थानों पर छापेमारी की और कई लोगों से पूछताछ शुरू की है।
इस घटनाक्रम के बाद छात्रों में भारी नाराजगी और मानसिक तनाव देखा जा रहा है। झारखंड के पलामू परीक्षा केंद्र से परीक्षा देने वाले छात्र सुधांशु ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह उनका पहला प्रयास था और उन्हें 650 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि अब दोबारा वही प्रदर्शन कर पाना आसान नहीं होगा और लाखों छात्र अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं।
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा रद्द होना बेहद निराशाजनक है। सोशल मीडिया पर भी #ReNEET और #NEETPaperLeak जैसे हैशटैग तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। कई छात्र संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत नहीं किया गया, तो छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से कमजोर हो सकता है। फिलहाल देशभर के लाखों छात्र अब पुनर्परीक्षा की नई तारीखों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।