रांची: झारखंड के अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राज्य के करीब 2.5 लाख आदिवासी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के लिए 250 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। लंबे समय से छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों को इस फैसले से राहत मिलने की उम्मीद है।

छात्रवृत्ति की राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण राज्य के हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब केंद्र से राशि मिलने के बाद छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।

प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक दोनों योजनाओं को मिलेगा लाभ

जारी की गई राशि का संबंध अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए संचालित प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं से है। इन योजनाओं के माध्यम से स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत कॉलेज, विश्वविद्यालय और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण किसी विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित होने से रोकना है।

केंद्र और राज्य सरकार की होती है संयुक्त भागीदारी

झारखंड में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की वित्तीय भागीदारी होती है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, केंद्र सरकार का हिस्सा 75 प्रतिशत और राज्य सरकार का हिस्सा 25 प्रतिशत है।

केंद्र से राशि जारी होने के बाद राज्य सरकार की ओर से आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाएं पूरी कर पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी।

ई-कल्याण पोर्टल से जुड़ेगी आवेदन और भुगतान प्रक्रिया

छात्रवृत्ति के लिए आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया झारखंड सरकार के ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाती है। पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना और अपने शैक्षणिक एवं बैंक संबंधी विवरण सही रखना आवश्यक है।

विभागीय सत्यापन पूरा होने के बाद छात्रवृत्ति की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

लंबे इंतजार के बाद विद्यार्थियों को मिलेगी राहत

छात्रवृत्ति भुगतान में देरी का असर उन विद्यार्थियों पर अधिक पड़ता है, जो अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में 250 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता से लंबित भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, विद्यार्थियों को वास्तविक भुगतान की तारीख और अपनी छात्रवृत्ति की स्थिति जानने के लिए ई-कल्याण पोर्टल पर उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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